देश में तेजी से बढ़ रहे गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार जल्द ही उनके लिए नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड का गठन करने जा रही है, जिससे उन्हें पहली बार संगठित सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।
महाराष्ट्र के श्रम मंत्री आकाश फंडकर ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने हेतु सोशल सिक्योरिटी कोड लागू किया है। इस कोड के तहत गिग वर्कर्स के कल्याण के लिए नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड गठित करने का प्रावधान किया गया है।
मंत्री के अनुसार, यह प्रस्तावित बोर्ड गिग वर्कर्स को स्वास्थ्य सेवाएं, बीमा कवर और पारिवारिक कल्याण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे उन लाखों कामगारों को सीधा फायदा मिलेगा, जो अब तक किसी औपचारिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली से बाहर थे।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को इस कोड के प्रावधानों को लागू करने और सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं। इससे देशभर में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक समान नीति लागू होने का रास्ता साफ होगा।
विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि अब तक गिग और प्लेटफॉर्म कामगारों को पारंपरिक श्रमिकों का दर्जा नहीं मिला था। उन्हें डिलीवरी आधारित भुगतान के साथ “बिजनेस पार्टनर” के रूप में देखा जाता रहा है। यही कारण था कि वे श्रम कानूनों और सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित रहे।
हालांकि, पहली बार सोशल सिक्योरिटी कोड के माध्यम से गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की स्थिति को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इससे उनके अधिकारों और सुरक्षा को कानूनी मान्यता मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से देश में तेजी से बढ़ रहे गिग इकोनॉमी सेक्टर को मजबूती मिलेगी और कामगारों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। आने वाले समय में यह नीति लाखों युवाओं के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकती है।#GigWorkers #SocialSecurity #LabourLaw #IndiaNews #PlatformWorkers #BreakingNews #Employment