सीसीएसयू की विद्वत परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्नातक स्तर (बीए, बीकाम एवं बीएससी) के प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं अब वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र (आब्जेक्टिव टाइप) पैटर्न पर आधारित होंगी। कोर/करिकुलर कोर्स के प्रत्येक प्रश्न पत्र में सौ प्रश्न होंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है।
इसके अतिरिक्त बीए, बीएससी एवं बीकाम (एनईपी) पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के तीन क्रेडिट कोर्स को स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी) के रूप में अनिवार्य रूप से संचालित करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ा जा सके।बैठक में कुलसचिव डा. अनिल कुमार यादव, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, प्रो. हरे कृष्णा, मीडिया सेल सदस्य मितेंद्र कुमार गुप्ता समेत विद्वत परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सीसीएसयू में चार वर्षीय बीए-बीएड एवं बीएससी-बीएड कार्यक्रम शुरू
सीसीएसयू द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शैक्षणिक सत्र-26–27 से चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम बीए बीएड एवं बीएससी बीएड शुरू किए जाने की घोषणा की गई है। विश्वविद्यालय को इन पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त हो चुकी है।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में शुरू किया जा रहा यह कार्यक्रम माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के लिए दक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।