हरियाणा पुलिस के लिए अब अपराधियों पर नजर रखना और आसान हो जाएगा। पुलिस के डीसीपी स्तर के अधिकारियों को केंद्रीय एजेंसियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नेटग्रिड (नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड) का एक्सेस दिया गया है।
इससे देश के किसी भी नागरिक से जुड़ी कई अहम जानकारियां एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में काफी मदद मिलेगी। अब तक इस प्रणाली का उपयोग मुख्य रूप से सीबीआई, आईबी, एनआईए, ईडी सहित 11 केंद्रीय एजेंसियां कर रही थीं।
दिल्ली पुलिस में भी पिछले वर्ष डीसीपी स्तर के अधिकारियों को इसका उपयोग करने का अधिकार मिला था। हरियाणा पुलिस के पास इसका सीमित एक्सेस था, लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से डीसीपी स्तर के अधिकारियों को भी इसका उपयोग करने की अनुमति मिल गई है।इसके जरिए किसी व्यक्ति के आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंकिंग लेनदेन, पासपोर्ट, रेलवे टिकट बुकिंग और अन्य डिजिटल गतिविधियों से जुड़ी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर देखी जा सकेगी।
अलग-अलग डेटाबेस को जोड़ता है नेटग्रिड
नेटग्रिड एक ऐसा डिजिटल नेटवर्क है, जो विभिन्न सरकारी और वित्तीय डेटाबेस को आपस में जोड़ता है। इससे जांच एजेंसियों को संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का विश्लेषण करने में आसानी होती है।
उदाहरण के तौर पर यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति बार-बार अलग-अलग शहरों की यात्रा कर रहा है, बैंक खातों में असामान्य लेनदेन कर रहा है या किसी विशेष स्थान पर बार-बार मौजूद रहा है, तो इन सभी जानकारियों को तेजी से जोड़कर जांच में इस्तेमाल किया जा सकता है।