बरेली-बदायूं रोड का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। चौबारी पर फ्लाइओवर का निर्माण कराने के लिए पिलर निर्माण तो पहले शुरू हो चुका है, अब सड़क चौड़ी करने के लिए खोदाई भी शुरू करा दी गई है। डिवाइडर के एक साइड में खोदाई होने से अब यह रोड सिंगल हो गया है।
आने-जाने वाले वाहनों को इसी से निकाला जा रहा है। वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। वजह, यहां लाल फाटक और करगैना रेलवे फाटक दोनों तरफ के वाहनों की भीड़ रहती है। फाटक बंद होने पर वाहनों की लंबी कतार लग रही है।रुहेलखंड मंडल मुख्यालय से मथुरा तक सड़क मार्ग से आवागमन सुगम बनाने के लिए हाईवे को फोरलेन में परिवर्तित कराया जा रहा है। कासगंज से बदायूं होते हुए बरेली तक निर्माण कराने की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बदायूं को दी गई है।बरेली से बदायूं बाइपास तक हाईवे निर्माण के लिए 650 करोड़ रुपये जबकि बदायूं बाइपास से कासगंज की सीमा तक 1,200 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है। बदायूं से बरेली के बीच मलगांव, बिनावर, भमोरा, देवचरा में रिंग रोड निर्माण के साथ मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है। अब चौबारी पर गतिविधियां बढ़ गई हैं।
रामगंगा पुल से बरेली की तरफ आने पर चौबारी तिराहा है। यहां पर त्रिशूल स्थापित किया गया था। एक रास्ता करगैना की तरफ तो दूसरा लाल फाटक की तरफ निकलता है। एनएचएआइ ने त्रिशूल को हटाकर अखा मोड़ पर लगवा दिया है। चौबारी तिराहा पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए खोदाई शुरू हो गई है।
फ्लाइओवर होते हुए वाहन हाईवे से सीधे रिंग पर पहुंच जाएंगे। दिल्ली, नैनीताल जाने वाले वाहन बायीं तरफ तो लखनऊ की तरफ जाने वाले वाहन दायीं तरफ मुड़कर शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे।
डिवाइडर के रेलवे लाइन साइड में सड़क की खोदाई शुरू हो जाने से इधर भी डायवर्जन लागू हो गया है। पुलिस अधीक्षक यातायात मो.अकमल खां ने बताया कि हाईवे चौड़ीकरण के लिए निर्माणाधीन स्थलों पर रूट डायवर्जन है, दूसरी साइड से वाहनों का संचालन किया जा रहा है।