देश में बेहद कम समय में Electric Cars की मांग बढ़ गई है। जिसे देखते हुए निर्माताओं की ओर से नई इलेक्ट्रिक कारों को पेश और लॉन्च किया जा रहा है। कई बार लोग इनको खरीदने के बाद लापरवाही करते हैं, जिससे हजारों रुपये का खर्च हो जाता है। इससे किस तरह से बचा जा सकता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
चार्जिंग के समय रखें ध्यान
जब भी Electric Car को चार्जिंग पर लगाएं तो हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि बैटरी को चार्ज करने के बाद लंबे समय तक चार्जर लगा न रहने दें। ऐसा करने से कई बार बैटरी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। खराब स्थिति में इस लापरवाही के कारण धमाका भी हो सकता है।कब करें चार्ज
इलेक्ट्रिक कार की बैटरी को हमेशा तब चार्ज करना चाहिए, जब बैटरी 20 फीसदी के आस पास या उससे कम हो जाए। पूरी तरह से डिस्चार्ज नहीं करवाना चाहिए। लगातार बैटरी को पूरी तरह से डिस्चार्ज होने के कारण बैटरी की उम्र तेजी से कम होने लगती है।किस तरह के चार्जर से करें चार्ज
आमतौर पर कंपनियों की ओर से इलेक्ट्रिक कार के साथ चार्जर दिया जाता है। यह कम क्षमता का चार्जर होता है, जिससे बैटरी को चार्ज होने में ज्यादा समय लगता है। जिससे बचने के लिए लोग कार को फास्ट चार्जर से चार्ज करते हैं। लेकिन लंबे समय तक फास्ट चार्जर के जरिए बैटरी को चार्ज करने का नुकसान ज्यादा होता है। इसलिए कोशिश करें कि जब जरूरत हो तभी फास्ट चार्जर का उपयोग करें। जब ज्यादा जरूरत न हो तो इलेक्ट्रिक कार की बैटरी को सामान्य चार्जर से ही चार्ज करना बेहतर रहता है।
तेज स्पीड में न चलाएं
इलेक्ट्रिक कार को चलाते हुए हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कार को अचानक से तेज स्पीड में नहीं चलाना चाहिए। ऐसा करने से भी बैटरी काफी तेजी से डिस्चार्ज होने लगती है और लंबे समय तक इस तरह से ही कार को चलाने पर बैटरी पर बुरा असर होता है।
ठीक करवाने में होंंगे लाखों रुपये खर्च
अगर लंबे समय तक इलेक्ट्रिक कार को लापरवाही के साथ चलाया जाता है, तो इसका बुरा असर कार की मोटर और बैटरी पर होता है। जिससे कार की उम्र भी कम होने लगती है। अगर एक बार बैटरी या मोटर में खराबी आ जाती है, तो उसे बदलवाने में लाखों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।