रांची। झारखंड में ऑनलाइन भूमि अभिलेखों में लगातार सामने आ रही त्रुटियों और विसंगतियों को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और मूल भौतिक अभिलेखों में किसी प्रकार का अंतर नहीं होना चाहिए। इस संबंध में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
झारखंड हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा कि ऑनलाइन उपलब्ध भूमि रिकॉर्ड, राजस्व अभिलेखों की हूबहू प्रति होने चाहिए। रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की गलती या अंतर आम नागरिकों के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, इसलिए उनकी शुद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
सीओ करेंगे डिजिटल रिकॉर्ड का सत्यापन
अदालत के निर्देश के अनुसार अब राज्य के सभी डिजिटल भूमि अभिलेखों का संबंधित अंचल अधिकारी (CO) द्वारा सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रिकॉर्ड को डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) के साथ आधिकारिक पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाएगा।
हाई कोर्ट ने कहा कि इस व्यवस्था से भूमि रिकॉर्ड में होने वाली त्रुटियों को कम करने में मदद मिलेगी और आम लोगों को जमीन से जुड़े मामलों में अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
राजस्व विभाग को दिए अहम निर्देश
अदालत ने Jharkhand High Court के आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
साथ ही विभाग को सभी अंचल अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने को कहा गया है, ताकि भूमि अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सके।
भूमि विवादों में आ सकती है कमी
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड में त्रुटियां अक्सर भूमि विवादों, नामांतरण, रजिस्ट्रेशन और स्वामित्व संबंधी मामलों में परेशानी का कारण बनती हैं। हाई कोर्ट के इस निर्देश से रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बढ़ेगी और नागरिकों का भरोसा मजबूत होगा।
आम लोगों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार द्वारा भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाई कोर्ट के नए निर्देश लागू होने के बाद नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध रिकॉर्ड पर अधिक भरोसा होगा और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
अदालत के इस आदेश को झारखंड में भूमि प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सटीक, जवाबदेह और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।#JharkhandHighCourt #LandRecords #OnlineLandRecord #JharkhandNews #RevenueDepartment #DigitalRecords #CourtOrder #PropertyNews #LandDispute #RanchiNews #BreakingNews #LatestNews #HindiNews #LandReforms #GovernanceNews





