राशन लेने में बुजुर्गों को बड़ी राहत, अब फिंगरप्रिंट नहीं आने पर आइरिस स्कैन से मिलेगा अनाज

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं, खासकर बुजुर्ग लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने राशन वितरण प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी बनाने के लिए राशन डिपो पर नई तकनीक से लैस मशीनें उपलब्ध करानी शुरू कर दी हैं। इन मशीनों में आंखों की पुतली (आइरिस) स्कैन कर पहचान सत्यापित करने की सुविधा होगी।

नई व्यवस्था लागू होने से उन लाभार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें फिंगरप्रिंट सत्यापन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। विभाग का मानना है कि इससे पात्र उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के समय पर राशन मिल सकेगा।

फिंगरप्रिंट न मिलने से होती थी परेशानी

जिले में कुल 471 राशन डिपो संचालित हैं, जहां अब तक पहचान सत्यापन के लिए मुख्य रूप से फिंगरप्रिंट आधारित प्रणाली का उपयोग किया जाता था। हालांकि बढ़ती उम्र के कारण कई बुजुर्गों के अंगूठे और उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं रह जाते, जिससे मशीनें उनकी पहचान सत्यापित नहीं कर पाती थीं।

इस तकनीकी समस्या के कारण अनेक बुजुर्ग लाभार्थियों को कई बार राशन डिपो के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई मामलों में पात्र होने के बावजूद उन्हें समय पर राशन प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

आइरिस स्कैन तकनीक से होगी पहचान

नई मशीनों में लाभार्थी की आंखों की पुतली को स्कैन कर उसकी पहचान की पुष्टि की जाएगी। आइरिस स्कैनिंग को बायोमेट्रिक पहचान की अत्यंत सटीक और विश्वसनीय तकनीक माना जाता है।

खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों के फिंगरप्रिंट मशीन में मैच नहीं होते, वे अब आइरिस स्कैन के माध्यम से आसानी से अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे और राशन प्राप्त कर पाएंगे।

पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी

विभाग के अनुसार नई तकनीक से राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी, जबकि वास्तविक पात्र उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा।

बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ

आइरिस स्कैन सुविधा का सबसे बड़ा फायदा बुजुर्गों, दिव्यांगों और उन लोगों को होगा, जिनके फिंगरप्रिंट किसी कारणवश मशीन में पढ़े नहीं जाते। इससे उन्हें बार-बार सत्यापन की समस्या से छुटकारा मिलेगा और राशन प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी।

खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना है कि नई मशीनों को चरणबद्ध तरीके से सभी राशन डिपो पर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके।#RationCard #PDS #IrisScan #FoodSupplyDepartment #RationDistribution #SeniorCitizens #GovernmentScheme #DigitalIndia #FoodSecurity #BiometricVerification #LatestNews #PublicDistributionSystem #WelfareScheme #IndiaNews #BreakingNews

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