एम्स में शुरू हुआ पल्मोनरी मेडिसिन विभाग, अब दमा और फेफड़ों के मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर

फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद एम्स में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग का संचालन शुरू हो गया है। विभाग में आवश्यक चिकित्सा विशेषज्ञों की तैनाती होने के बाद अब दमा, निमोनिया और अन्य श्वसन संबंधी रोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने लगा है।

अब तक इस विभाग के संचालन न होने के कारण मरीजों को बेहतर उपचार के लिए लखनऊ, दिल्ली या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता था। विभाग शुरू होने से न केवल मरीजों का समय और खर्च बचेगा, बल्कि उन्हें अपने क्षेत्र में ही विशेषज्ञ उपचार की सुविधा भी मिल सकेगी।

फैकल्टी की कमी से अटका था विभाग

एम्स का संचालन लगभग आठ वर्ष पहले शुरू हुआ था। संस्थान के खुलने के साथ ही आसपास के कई जिलों के लोगों को उम्मीद जगी थी कि उन्हें गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

हालांकि शुरुआती वर्षों में कई विभागों में फैकल्टी की कमी बनी रही, जिसके कारण कुछ विशेष चिकित्सा सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग भी इन्हीं में शामिल था। आवश्यक विशेषज्ञों की नियुक्ति न होने के कारण विभाग का संचालन लगातार लंबित रहा।

नियुक्तियों के बाद शुरू हुई सेवाएं

एम्स प्रशासन द्वारा वर्ष 2025 में रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद विभाग को एक फैकल्टी सदस्य और दो सीनियर रेजीडेंट चिकित्सकों की नियुक्ति मिली।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद पल्मोनरी मेडिसिन विभाग का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही श्वसन तंत्र और फेफड़ों से संबंधित रोगों के उपचार की सुविधा मरीजों को मिलने लगी है।

दमा और निमोनिया मरीजों को मिलेगा लाभ

पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में दमा (Asthma), निमोनिया (Pneumonia), क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों के संक्रमण और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों का परीक्षण एवं उपचार किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि विभाग शुरू होने से गंभीर फेफड़ा रोगियों को समय पर जांच और उपचार मिल सकेगा, जिससे जटिलताओं को कम करने में मदद मिलेगी।

क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी राहत

एम्स में यह सुविधा शुरू होने से आसपास के दर्जनों जिलों के मरीजों को सीधे लाभ मिलेगा। पहले जहां इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब उन्हें स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी।

एम्स प्रशासन का कहना है कि संस्थान में सभी विभागों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के प्रयास लगातार जारी हैं, ताकि मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।#AIIMS #PulmonaryMedicine #HealthNews #AsthmaTreatment #Pneumonia #LungDisease #MedicalNews #Healthcare #HospitalUpdate #PatientCare #RespiratoryDisease #AIIMSNews #IndiaHealth #BreakingNews #MedicalFacility

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