जयपुर पोलो ग्राउंड को खाली कराने की केंद्र सरकार की कार्रवाई पर रोक लगाने से अदालत ने इन्कार कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद शनिवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने 15.20 एकड़ में फैले जयपुर पोलो ग्राउंड का भौतिक कब्जा अपने हाथ में ले लिया।जयपुर स्थित ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड को लेकर चल रहे विवाद में केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। अदालत द्वारा केंद्र सरकार की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार किए जाने के बाद केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने शनिवार को जयपुर पोलो ग्राउंड का भौतिक कब्जा अपने हाथ में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, यह पोलो ग्राउंड लगभग 15.20 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। अदालत के ताजा फैसले के बाद केंद्र सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए परिसर का कब्जा अपने नियंत्रण में ले लिया।
अदालत से नहीं मिली अंतरिम राहत
मामले में संबंधित पक्ष द्वारा केंद्र सरकार की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
अदालती फैसले के बाद केंद्र सरकार के लिए ग्राउंड का कब्जा लेने का रास्ता साफ हो गया। इसके बाद भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) की टीम ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए स्थल का भौतिक कब्जा अपने अधिकार में ले लिया।
एलएंडडीओ ने संभाला नियंत्रण
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन कार्यरत भूमि एवं विकास कार्यालय (Land & Development Office) ने कब्जा प्रक्रिया को अंजाम दिया। अधिकारियों ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ग्राउंड का नियंत्रण अपने हाथ में लिया।
सूत्रों के अनुसार, कब्जा लेने की कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी भी रही और पूरी प्रक्रिया को दस्तावेजी रूप दिया गया।
महत्वपूर्ण माना जा रहा है फैसला
जयपुर पोलो ग्राउंड को लेकर लंबे समय से विभिन्न पक्षों के बीच विवाद बना हुआ था। अदालत के ताजा फैसले और उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा कब्जा लिए जाने को इस मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत द्वारा अंतरिम राहत न दिए जाने के बाद फिलहाल केंद्र सरकार की कार्रवाई को वैधानिक समर्थन मिला है। हालांकि मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित पक्षों की अगली कानूनी रणनीति पर भी नजर बनी हुई है।
आगे की प्रक्रिया पर निगाहें
केंद्र सरकार द्वारा ग्राउंड का कब्जा लेने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि भविष्य में इस भूमि का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाएगा और मामले में आगे क्या कानूनी घटनाक्रम सामने आते हैं।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद जयपुर पोलो ग्राउंड का नियंत्रण केंद्र सरकार के अधीन आ गया है, जिसे इस पूरे विवाद में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।







