साउथ दिल्ली के माउंट कैलाश में 18 जून को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। 50 वर्षीय डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) डॉ. मनीष गुप्ता ने अपनी 15 वर्ष से अधिक समय से काम करने वाली घरेलू सहायिका मीना (45) की निर्मम हत्या कर दी। आरोपी ने पहले बैट से हमला किया और फिर रसोई के चाकू से गला रेत दिया। गिरफ्तारी के समय आरोपित ने कहा था, ‘मुझे फांसी दे दो।’
वारदात की टाइमलाइन
- सुबह 10:30 बजे: मीना रोज की तरह काम पर पहुंची। कपड़े धोने के बाद वह छत पर कपड़े सुखाने गई।
- सुबह 11:20 बजे: विपरीत टावर की छठी मंजिल से एक पड़ोसी ने छत पर खून में लथपथ पड़ी मीना को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
- पुलिस पहुंची: अमर कॉलोनी पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और मीना को मृत अवस्था में पाया।हत्यारे ने पुलिस से कहा- मुझे फांसी दे दो
- डॉ. गुप्ता ने छत पर मीना पर पहले अपने बेटे के बैट से चेहरे और सिर पर बार-बार हमला किया। फिर चाकू से उनका गला काट दिया। पुलिस अधिकारी के अनुसार, गले पर चाकू का निशान सर्जिकल ब्लेड जैसा था। हमले के बाद आरोपी नीचे आकर सीढ़ियों पर बैठ गया। पुलिस पहुंचने पर उसने कहा, ‘मुझे फांसी दे दो।’डॉ. मनीष मीना को निकालना चाह रहा था काम से
- पुलिस के मुताबिक, डॉ. गुप्ता मानसिक रूप से परेशान था। हाल ही में उसकी पत्नी के साथ मीना को निकालने को लेकर झगड़ा हुआ था। पत्नी मीना को रखना चाहती थीं क्योंकि वह परिवार की बहुत सेवा करती थी। वहीं, डॉ. मनीष इसके विरोध में था। जांच में सामने आया है कि वारदात के समय डॉक्टर की पत्नी घर में नहीं थी।करीब 10 साल से करा रहा था ओसीडी का इलाज
- डॉ. मनीष गुप्ता एमबीबीएस डॉक्टर है। वह नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट समेत कई अस्पतालों में विजिटिंग कंसल्टेंट के रूप में काम करता था। वह पिछले 10 वर्षों से डिप्रेशन और ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) का इलाज करा रहा था। पुलिस जांच कर रही है कि क्या उन्होंने दवाइयां लेना बंद कर दिया था। उनकी पत्नी आयुर्वेदिक डर्मेटोलॉजिस्ट हैं और 19 वर्षीय बेटा प्राइवेट यूनिवर्सिटी में एलएलबी का छात्र है।15 साल से काम कर रही थी मीना
- मीना पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की रहने वाली थीं। वह पिछले 15 वर्षों से गुप्ता परिवार के यहां काम कर रही थीं। डेढ़ वर्ष पहले जब डॉक्टर की मां कैंसर से जूझ रही थीं, तब मीना ने परिवार की बहुत देखभाल की थी। मीना अब अपने पीछे पति और बेटे रॉबिन को छोड़ गई है। रॉबिन का कहना है कि उसकी ने कभी भी ‘डॉक्टर सर’ की कोई शिकायत नहीं की थी।परिजनों ने जताया आक्राेश
- हालांकि, घटना के बाद परिजनों ने मौके पर पहुंचकर गुस्सा जताया और पुलिस वाहनों को रोकने की कोशिश की। पुलिस ने डॉ. मनीष गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे जांच जारी है। मौके से खून से सना चाकू और बैट गुरुवार को ही बरामद कर लिया था।





