लद्दाख प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के बढ़ते मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena ने नशा तस्करी से जुड़े मामलों की निगरानी और कार्रवाई को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक नई स्क्रीनिंग कमेटी के गठन को मंजूरी प्रदान की है।
लोक भवन के प्रवक्ता के अनुसार, यह स्क्रीनिंग कमेटी पुलिस, Narcotics Control Bureau (एनसीबी) और सीमा शुल्क विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों की ओर से भेजे गए निरोधात्मक हिरासत (Preventive Detention) के प्रस्तावों की प्रारंभिक जांच करेगी।
समिति उपलब्ध साक्ष्यों, अपराध की गंभीरता और रिकॉर्ड पर मौजूद अन्य सामग्री का विस्तृत परीक्षण करेगी। इसके बाद यह सक्षम प्राधिकारी को अपनी सिफारिश सौंपेगी कि संबंधित आरोपी सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है या नहीं तथा उसके खिलाफ निरोधात्मक हिरासत की कार्रवाई आवश्यक है या नहीं।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से विभिन्न प्रवर्तन और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। साथ ही संगठित नशा तस्करी और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी और तेज बनाया जा सकेगा।
इस पूरी प्रक्रिया में PIT-NDPS Act के प्रावधानों का उपयोग किया जाएगा। यह कानून नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक हिरासत की व्यवस्था प्रदान करता है।
उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति लद्दाख के युवाओं और सामाजिक ताने-बाने के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने इस खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक एजेंसियों के बीच समन्वित और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रशासन को उम्मीद है कि नई स्क्रीनिंग कमेटी के गठन से नशा तस्करी पर नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी और युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने में मदद मिलेगी।Ladakh #DrugTrafficking #NCB #DrugControl #PITNDPS #PreventiveDetention #AntiDrugCampaign #LadakhNews #DrugFreeIndia #LawAndOrder #Narcotics #YouthSafety




