गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित पैंगा गांव में संपत्ति विवाद के चलते अपने पिता और बड़े भाई की फावड़े से हत्या करने वाले सुमित उर्फ बबलू को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
यह फैसला सत्र न्यायाधीश विनोद सिंह रावत की अदालत ने सुनाया। सजा सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि दोषी ने केवल दो लोगों की हत्या नहीं की, बल्कि पिता-पुत्र और भाई जैसे पवित्र रिश्तों की मर्यादा को भी तार-तार कर दिया। अदालत ने इस दोहरे हत्याकांड को बेहद नृशंस और समाज को झकझोर देने वाला अपराध बताया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद शर्मा के अनुसार, पैंगा गांव निवासी प्रीतम ने अपनी पुश्तैनी जमीन का एक हिस्सा छोटे बेटे सुमित को खेती के लिए दिया था, जबकि शेष भूमि पर बड़ा बेटा सुभाष खेती करता था। प्रीतम भी बड़े बेटे सुभाष के साथ रहते थे और उन्हें पेंशन भी मिलती थी।
अभियोजन के मुताबिक, जमीन में अपेक्षाकृत कम हिस्सा मिलने से सुमित खुद को अपमानित महसूस करता था। इसी विवाद ने समय के साथ गंभीर रूप ले लिया और उसने संपत्ति के लालच में अपने पिता प्रीतम और बड़े भाई सुभाष पर फावड़े से कई वार कर उनकी हत्या कर दी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुमित को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि इस प्रकार के अपराध समाज में रिश्तों की गरिमा और मानवीय मूल्यों पर गहरा आघात पहुंचाते हैं।


