नई दिल्ली। कई माता-पिता अपने बच्चों के पैरों में शाम या रात के समय होने वाले दर्द को लेकर चिंतित रहते हैं। दिनभर सामान्य रूप से खेलने-कूदने वाले बच्चे जब रात में पैरों में दर्द की शिकायत करते हैं, तो परिवार को चिंता होना स्वाभाविक है। बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर मामलों में यह समस्या ग्रोइंग पेन (Growing Pain) के कारण हो सकती है, जो बच्चों में होने वाली एक सामान्य और हानिरहित स्थिति है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुर धर्माणी के अनुसार, ग्रोइंग पेन आमतौर पर 3 से 12 वर्ष की उम्र के बच्चों में अधिक देखा जाता है। इस स्थिति में दर्द दोनों पैरों में महसूस होता है, खासकर पिंडली, जांघ या घुटनों के पीछे के हिस्से में।
इस समस्या की खास बात यह है कि दर्द अक्सर शाम या रात के समय शुरू होता है। कई बार दर्द के कारण बच्चे की नींद भी खुल जाती है, लेकिन सुबह तक यह अपने आप ठीक हो जाता है और बच्चा फिर से सामान्य गतिविधियों में शामिल हो जाता है।
डॉ. धर्माणी ने बताया कि आजकल इस तरह की शिकायत लेकर बच्चे अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। पहले इसकी संख्या अपेक्षाकृत कम देखने को मिलती थी।
ग्रोइंग पेन के सामान्य लक्षण
- दर्द अक्सर दोनों पैरों में होता है।
- पिंडली, जांघ या घुटनों के पीछे दर्द महसूस हो सकता है।
- दर्द अधिकतर शाम या रात में शुरू होता है।
- कभी-कभी दर्द के कारण बच्चे की नींद खुल सकती है।
- सुबह उठने तक दर्द सामान्य रूप से खत्म हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रोइंग पेन का कोई निश्चित कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। हालांकि, माना जाता है कि दिनभर की शारीरिक गतिविधियों के बाद मांसपेशियों में होने वाली थकान या कुछ बच्चों में दर्द के प्रति अधिक संवेदनशीलता इसकी वजह हो सकती है।
कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि विटामिन डी की कमी वाले बच्चों में यह समस्या अपेक्षाकृत अधिक देखी जा सकती है। हालांकि, हर बच्चे में पैरों के दर्द का कारण ग्रोइंग पेन ही हो, यह जरूरी नहीं है। यदि दर्द लगातार बना रहे, सूजन हो, चलने में परेशानी हो या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।#GrowingPain #ChildHealth #KidsHealth #PediatricCare #VitaminD #ParentingTips #HealthNews #HindiNews



