करीब 15 महीने के लंबे इंतजार के बाद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) को नया अध्यक्ष मिल गया है। वरिष्ठ भाजपा नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल ने मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनके कार्यभार संभालने के साथ ही लंबे समय से रिक्त पड़ा यह महत्वपूर्ण पद भर गया है।
हरजीत सिंह ग्रेवाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के दूसरे सिख अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले इकबाल सिंह लालपुरा इस पद पर कार्यरत थे।
पंजाब की राजनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही नियुक्ति
ग्रेवाल की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस नियुक्ति का राजनीतिक महत्व भी है, क्योंकि हरजीत सिंह ग्रेवाल पंजाब में भाजपा के प्रमुख सिख चेहरों में गिने जाते हैं।
वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं और राज्य में सिख समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को पंजाब में पार्टी की रणनीति और सिख समुदाय के साथ संवाद मजबूत करने के प्रयासों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, उनकी नियुक्ति के आधिकारिक उद्देश्य के तहत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का दायित्व देश के विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों पर सुझाव देना, शिकायतों की सुनवाई करना तथा उनके अधिकारों और कल्याण से संबंधित मामलों की निगरानी करना है। अब आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में हरजीत सिंह ग्रेवाल से इन जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन की अपेक्षा की जा रही है।








