शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर विकसित किए जा रहे सांदीपनि सीएम राइज स्कूल में व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्कूल तक विद्यार्थियों को लाने-ले जाने के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, छात्रावास से स्कूल तक पैदल आने-जाने में विद्यार्थियों का लगभग दो घंटे का समय खर्च हो जाता है। इससे उनकी पढ़ाई, स्वाध्याय और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। लगातार लंबी दूरी पैदल तय करने से विद्यार्थियों को शारीरिक थकान का भी सामना करना पड़ रहा है।
सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीएम राइज स्कूल योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। इसके तहत परिवहन सुविधा की भी व्यवस्था की गई है, लेकिन छात्रावास के विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाने से स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि जब सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक संसाधन उपलब्ध करा रही है, तो फिर छात्रावास के विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित क्यों रखा जा रहा है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि परिवहन सुविधा का समुचित उपयोग किया जाए तो विद्यार्थियों का समय बचेगा और उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
अब आवश्यकता इस बात की है कि संबंधित अधिकारी पूरे मामले का संज्ञान लेकर छात्रावास के विद्यार्थियों को भी परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और वे अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।#CMRiseSchool #Education #Students #HostelStudents #SchoolBus #MadhyaPradesh #SchoolManagement #EducationNews #BreakingNews #StudentWelfare