फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आरोपितों की मुश्किलें बढ सकती हैं। एसटीएफ द्वारा फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों की जांच की जा रही है। तीन आरोपितों के असलाहों को कब्जे में किया है। कलक्ट्रेट स्थित शस्त्र लिपिक के कार्यालय से भी लाइसेंस के मूल प्रपत्र अपने कब्जे में लिए हैं। असलाहों को एसटीएफ जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज सकती है।
नाई की मंडी थाने में एसटीएफ की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें मोहम्मद अरशद खान, मोहम्मद जैद, शिव कुमार सारस्वत, भूपेंद्र सारस्वत, राजेश कुमार बघेल, शोभित चतुर्वेदी और सेवानिवृत शस्त्र लिपिक संजय कपूर को आरोपित बनाया है। मामले की जांच पहले एसटीएफ के इंस्पेक्टर हुकुम सिंह और बाद में यतींद्र शर्मा ने की थी।एसटीएफ के रिपोर्ट देने के बाद शासन के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया। जिसकी विवेचना लखनऊ एसटीएफ को दी गई है। विवेचक शैलेंद्र सिंह ने मामले में साक्ष्य जुटाए हैं। जिसमें शस्त्र लिपिक कार्यालय के रजिस्टर व अन्य प्रपत्र शामिल हैं।
इसके अलावा आरोपित शोभित, मोहम्मद जैद और अरशद के असलाह भी जब्त किए हैं। जिन्हें फोरेंसिक लैब भेजने की तैयारी है। विज्ञानियों की जांच से यह पता चल सकेगा कि असलाह कहां बने थे।
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