जिले में शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच स्कूली बच्चों की सेहत को ध्यान में रखकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बच्चों के स्वास्थ्य की दृष्टिकोण से कक्षा एक से आठ तक की स्कूलों में पठन-पाठन बंद करने का निर्णय लिया है। 27 दिसंबर तक इन वर्ग के बच्चों की पढ़ाई नहीं होगी।
यह व्यवस्था जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में लागू होंगे। इसमें प्री स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को भी शामिल किया गया है। स्कूलों में सिर्फ शैक्षणिक कार्य बंद होंगे। सोमवार की संध्या जिलाधिकारी ने इसकी अधिसूचना जारी की है।वर्तमान में जिले में तापमान में गिरावट एवं अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां 23 से 27 दिसंबर तक प्रतिबंधित किया गया है। प्री बोर्ड की परीक्षा संचालित किए जाने वाली कक्षाओं का संचालन इससे मुक्त रखा गया है।
डीईओ को दिया गया अनुपालन कराने का निर्देश
जिलाधिकारी की ओर से जारी निर्देश के बाद जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालय को इस निर्देश का पालन करना आवश्यक होगा। डीएम के आदेश में कहा गया है कि जिले में पड़ रही अत्यधिक ठंड के कारण कम तापमान की स्थिति बनी हुई है।
जिसके कारण बच्चों को स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसलिए आठवीं तक के बच्चों का स्कूल बंद रहेगा। दरअसल, मौसम में आए बदलाव के कारण कनकनी और शीतलहर बढ़ गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने बच्चों की सेहत को देखते हुए यह निर्णय लिया है।
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