प्रदेश में धान और मोटे अनाज की सरकारी खरीद निर्धारित लक्ष्य से पिछड़ती नजर आ रही है। धान की खरीद का लक्ष्य 60 लाख टन रखा गया था, लेकिन 87 दिनों में केवल 31.60 लाख टन की ही खरीद हो पाई है, जो लक्ष्य का आधा से थोड़ी अधिक है।
खरीद में धीमी गति के पीछे क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाओं की कमी और फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) की पर्याप्त आपूर्ति न होना मुख्य कारण बताया जा रहा है। सरकार ने खरीद बढ़ाने के लिए क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई और एफआरके की आपूर्ति के लिए वेंडर्स की संख्या में भी इजाफा किया, लेकिन इसका असर अपेक्षित रूप से नहीं दिख रहा।
साथ ही मोटे अनाज जैसे बाजरा, ज्वार और मक्का की खरीद भी अपेक्षित गति से नहीं हो रही है। इससे इनके निर्धारित लक्ष्य पूरे न हो पाने की आशंका जताई जा रही है।#PaddyPurchase #CoarseGrains #FRKShortage #GovernmentProcurement #AgricultureNews #BajraJowarMaize