देश के सर्वाधिक स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से उत्पन्न त्रासदी को लेकर राज्य में भारी आलोचना के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने सुबह मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही अपर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से इंदौर से हटाने, और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के आदेश भी दिए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों की तुरंत नियुक्ति कराने और विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए निर्देश जारी किए। यह कार्रवाई शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गंभीर कदम के रूप में देखी जा रही है।#IndoreWaterCrisis
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