राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़े एक अहम मामले में चंडीगढ़ की विशेष एनआईए अदालत ने आतंकी सतविंदर सिंह उर्फ सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को भगौड़ा घोषित कर दिया है। अदालत ने आरोपित के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 84 के तहत आदेश जारी करते हुए उसे 30 दिनों के भीतर अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
यह आदेश विशेष एनआईए न्यायाधीश भावना जैन ने पारित किया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपित के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद वह जांच एजेंसी के हाथ नहीं लग सका।
अदालत ने एनआईए द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि आरोपित जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है और छिपकर रह रहा है। इसी आधार पर उसे भगौड़ा घोषित किया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि की बात करें तो एनआईए ने यह केस 8 मार्च 2024 को दर्ज किया था। यह मामला मूल रूप से चंडीगढ़ के एक थाना क्षेत्र में 20 जनवरी 2024 को दर्ज एफआईआर से संबंधित है, जिसे बाद में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर पहलुओं को देखते हुए एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था।
अदालत के इस आदेश के बाद अब यदि तय समयसीमा में आरोपित पेश नहीं होता है, तो उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसकी संपत्ति कुर्क किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।GoldyBrar
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