कुदरत के अजूबे कभी-कभी अचरज में डाल देते हैं। इन दिनों सूर्य पृथ्वी के बेहद करीब पहुंच चुका है, लगभग 45 लाख किलोमीटर की दूरी पर, लेकिन उत्तरी गोलार्ध में कड़ाके की ठंड का असर जारी है।
वैज्ञानिकों के अनुसार इसका कारण सूर्य की किरणों का तिरछा पड़ना है। सूर्य जितना करीब होता है, उतनी अधिक ऊष्मा देने की संभावना होती है, लेकिन जब किरणें सीधे नहीं पड़तीं, तो तापमान का एहसास कम होता है। यही वजह है कि उत्तरी गोलार्ध में ठंड चरम पर है।
सूर्य की ऊष्मा जीवन के लिए अनिवार्य है। यह वनस्पतियों के पनपने और पृथ्वी पर जीवन को सहज बनाने में अहम भूमिका निभाती है। लेकिन इन दिनों किरणों के तिरछे पड़ने से गर्मी का प्रभाव कम हो रहा है।
इस कारण लोगों को कड़ाके की सर्दी और न्यून तापमान का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तरी गोलार्ध के कई हिस्सों में ठंड अपने चरम स्तर पर बनी रहेगी।