लखनऊ के सदर बाजार स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में फर्जी खाता खोलकर 6.95 करोड़ रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। इस घोटाले में सीबीआई की जांच के दायरे में वन निगम का एक सेवानिवृत्त कर्मचारी भी आ गया है। आरोप है कि इसी रिटायर कर्मी से वन निगम की सावधि जमा (एफडी) से जुड़ी अहम जानकारी आरोपितों ने हासिल की थी।
जानकारी के अनुसार, यह कर्मचारी लंबे समय तक वन निगम की बैंकिंग व्यवस्था संभालता रहा है। इसी कारण उसे निगम के बैंक खातों और एफडी से संबंधित सभी विवरण मालूम थे। इसी जानकारी का फायदा उठाकर आरोपितों ने दिसंबर माह में बैंक ऑफ इंडिया में वन निगम की एफडी के नाम पर खाता खुलवाया।
आरोपित दीपक संजीव सुवर्णा और अनीश उर्फ मनीष ने इस खाते को खोलने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। वन निगम की शिकायत में कहा गया है कि 64,82,21,365 रुपये की एफडी से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज बैंक ने कई बार मांगने के बाद उपलब्ध कराए। वहीं, बैंक ने सीबीआई को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वन निगम के वित्त विभाग से आरोपितों के बारे में पूछा गया तो कोई जानकारी नहीं दी गई।
यह मामला अब सीबीआई की जांच के अधीन है और रिटायर कर्मी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपितों को एफडी से जुड़ी गोपनीय जानकारी कैसे मिली और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई।
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