वसंत पंचमी के पावन अवसर के साथ ही देवाधिदेव महादेव के दरबार में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है। वसंत पंचमी से लेकर फाल्गुन पूर्णिमा तक पूरे एक माह तक बाबा बैद्यनाथ को प्रतिदिन अबीर अर्पित किया जाएगा। इस अवधि में बाबाधाम में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया जाता है।
बाबा बैद्यनाथ धाम में अहले सुबह से ही जलाभिषेक का क्रम जारी है। मिथिला क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु निरंतर कांवर लेकर बाबाधाम पहुंच रहे हैं। कांवरियों के मार्ग पर हर ओर ‘बोल बम’ के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब गया है।
मिथिलावासियों द्वारा वसंत पंचमी के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ का पारंपरिक तिलकोत्सव आयोजित किया जाता है। इस विशेष अनुष्ठान के तहत श्रद्धालु कांवर में लाए गए पवित्र गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। जलाभिषेक के दौरान वे अपने घरों से लाया गया शुद्ध घी और धान की बाली बाबा को अर्पित करते हैं, जो मिथिला की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक मानी जाती है।
इसके साथ ही बाबा को अबीर अर्पित कर वसंत ऋतु के आगमन का उत्सव मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दौरान की गई पूजा-अर्चना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और पूरे क्षेत्र में सुख-समृद्धि का वास होता है।#BabaBaidyanath
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