सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुयान ने शनिवार, 24 जनवरी को न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की आजादी के लिए सबसे बड़ा खतरा बाहरी नहीं, बल्कि सिस्टम के अंदर ही मौजूद है।
जस्टिस भुयान ने केंद्र सरकार के सुझाव पर जस्टिस अतुल श्रीधरन को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने के कॉलेजियम के फैसले पर अपनी असहमति और निराशा व्यक्त की। उन्होंने इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर कार्यकारी प्रभाव का उदाहरण बताया।
पुणे स्थित ILS लॉ कॉलेज में संवैधानिक नैतिकता और लोकतांत्रिक शासन विषय पर आयोजित प्रिंसिपल जी. वी. पंडित मेमोरियल कार्यक्रम में जस्टिस भुयान ने कहा कि कॉलेजियम सिस्टम में कार्यकारी का दखल न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
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