पानीपत में यार्न, फैब्रिक और होम टेक्सटाइल प्रदर्शनी में मेक इन इंडिया का जलवा, 1610 करोड़ के आर्डर मिले

पानीपत की अनाज मंडी में आयोजित तीन दिवसीय यार्न, फैब्रिक और होम टेक्सटाइल प्रदर्शनी में मेक इन इंडिया का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। भारत-यूरोपियन यूनियन समझौते के बाद आयोजित इस प्रदर्शनी में उद्यमियों ने जर्मनी की मशीनों में भी रुचि दिखाई। शनिवार तक 210 मशीनों के लिए 1610 करोड़ रुपये के आर्डर मिले, जबकि 35 से अधिक मशीनें उद्यमियों ने मौके पर ही खरीद लीं। लुधियाना और नोएडा के उद्योगपतियों ने विशेष उत्साह दिखाया। तीन दिनों में सात राज्यों और पानीपत से साढ़े 14 हजार से अधिक उद्यमी प्रदर्शनी में पहुंचे।

प्रदर्शनी में प्लास्टिक पेलेटाइजर, एग्लोमिरेटर, मेल्ट स्पिनिंग, टेक्सटाइल वेस्ट ओपनिंग, कार्डिंग और स्पिनिंग मशीनों के साथ एयर जेट लूम जैसी आधुनिक और स्मार्ट मशीनें प्रदर्शित की गईं। ये सभी कंप्यूटर नियंत्रित मशीनें हैं। सात राज्यों से आए 100 उद्योगपतियों ने अपने-अपने नवीनतम उत्पादों का प्रदर्शन किया।

सूरत की फोर डिजिटल फैब्रिक मशीन प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण रही। यह मशीन डिजिटल तकनीक से कपड़े तैयार करती है और एक घंटे में 600 मीटर कपड़े पर प्रिंटिंग करने की क्षमता रखती है। मैनेजर निकुंज ने बताया कि उन्हें 30 आर्डर मिले हैं, जिनमें से पांच मशीनें मौके पर ही बिक गईं। प्रत्येक मशीन की कीमत 25 लाख रुपये से शुरू होती है।

कलरजेट की मैनेजर नेहा त्यागी ने बताया कि उनकी पिग्मेंट प्रिंटिंग मशीन पूरी तरह मेक इन इंडिया है। यह बिना पेपर और पानी के सीधे कपड़े पर प्रिंटिंग करती है। तीन मशीनों का आर्डर मिला है। मशीन की कीमत 55 लाख रुपये से शुरू होकर तकनीक के अनुसार 2.50 करोड़ रुपये तक जाती है।

सूरत की जेबी ईकोटेस्ट के संचालक शुभम गर्ग ने बताया कि उनकी मशीन प्लास्टिक बोतलों को नष्ट कर फैब्रिक दाने में बदलती है। पानीपत में पहले से लगी मशीन रोजाना लगभग 2000 टन प्लास्टिक बोतलों को प्रोसेस कर रही है। यह तकनीक पर्यावरण के लिए लाभकारी होने के साथ टेक्सटाइल उद्योग को नया विकल्प देती है।

लुधियाना के एनके साहू ने बताया कि उनकी कंपनी पालिएस्टर और री-सायकल मशीन तैयार करती है। उन्हें 17 आर्डर मिले हैं। उनकी मशीनें पूरी तरह फुल ऑटोमैटिक हैं और री-सायकलिंग में अधिक सक्षम हैं।

आयोजक अभिषेक शर्मा और अंकुर गोयल ने बताया कि इस बार प्रदर्शनी को दो भागों में आयोजित किया गया था। सात राज्यों से आए उद्योगपतियों ने भाग लिया और प्रदर्शनी को सफल बनाया।

उद्योगपति विनोद धमीजा और विभू पालीवाल ने कहा कि प्रदर्शनी में नई तकनीक वाली मशीनों को देखने और खरीदने का अवसर मिला। पानीपत के उद्योग को अब आधुनिक मशीनों के जरिए नई दिशा मिलेगी। वहीं, स्थानीय विधायक ने आश्वासन दिया कि अगली बार प्रदर्शनी बड़े स्थान पर आयोजित की जाएगी।
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Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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