यूपी बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू, सर्वदलीय बैठक में रणनीति तय

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में रविवार को विधान भवन में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (कार्यमंत्रणा समिति) की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए और आगामी बजट सत्र की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार 9 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार विधानसभा का यह सत्र वर्ष 2026 का पहला सत्र होगा, जिसे राज्यपाल द्वारा विधिवत बुलाया गया है।

बजट सत्र से पहले आयोजित इस सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के साथ पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, मत्स्य विकास मंत्री संजय निषाद और महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य मौजूद रहीं। वहीं विपक्ष की ओर से समाजवादी पार्टी के नेता विपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, संग्राम सिंह यादव, रविदास मेहरोत्रा और कांग्रेस की आराधना मिश्रा मोना ने बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान विधानसभा सत्र की अवधि, संभावित विधायी कार्य और चर्चा के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक सत्र शुरू होने से पहले आयोजित की जाती है ताकि सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित किया जा सके। इसमें मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होकर कार्यसूची को अंतिम रूप देते हैं।

सूत्रों के अनुसार सरकार इस बजट सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करने की तैयारी में है। यह बजट प्रदेश की विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे, कृषि, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की दिशा तय करेगा। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बजट सत्र के दौरान कई अहम विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना सकता है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सदन के माध्यम से जनता तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट सत्र केवल आर्थिक दस्तावेज पेश करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह राज्य की विकास प्राथमिकताओं और प्रशासनिक दिशा का संकेत भी देता है। ऐसे में सर्वदलीय बैठक में हुए विचार-विमर्श को आगामी सत्र की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।#UPBudgetSession #UPAssembly #YogiAdityanath #UPPolitics #BudgetSession2026 #VidhanSabha #PoliticalNews

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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