हिमाचल में लाइफ सर्टिफिकेट नई व्यवस्था से पेंशनरों में डर

हिमाचल प्रदेश में पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाणपत्र (Life Certificate) से जुड़ी नई व्यवस्था ने चिंता बढ़ा दी है। कोषागार विभाग द्वारा पहली बार फोन कॉल के जरिए पेंशनरों के जीवित होने की पुष्टि की जा रही है। इस प्रक्रिया के कारण कई बुजुर्ग पेंशनधारक असमंजस और डर की स्थिति में हैं, क्योंकि फोन पर व्यक्तिगत दस्तावेजों की जानकारी मांगे जाने के मामले सामने आ रहे हैं।

पेंशनरों का कहना है कि कॉल के दौरान उनसे पैन नंबर सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है। ऐसे में उनके लिए यह पहचानना मुश्किल हो रहा है कि कॉल वास्तव में सरकारी कर्मचारी कर रहा है या कोई साइबर ठग। विशेषज्ञ भी चेतावनी दे रहे हैं कि वरिष्ठ नागरिक अक्सर इस तरह के कॉल फ्रॉड का आसान निशाना बन सकते हैं।

दरअसल, पहले तक राज्य के पेंशनभोगियों को साल में एक बार निर्धारित समय पर जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होता था। सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया जुलाई महीने में पूरी की जाती थी, जिसमें पेंशनरों को कोषागार कार्यालय या संबंधित अधिकृत संस्थानों में प्रमाणपत्र जमा करना होता था। सरकारी नियमों के तहत जीवन प्रमाणपत्र जमा करना पेंशन जारी रखने के लिए अनिवार्य होता है।

सरकार समय-समय पर जीवन प्रमाणपत्र प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में कदम उठाती रही है। हाल के वर्षों में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीकें लागू की गई हैं, जिससे पेंशनर घर बैठे स्मार्टफोन के जरिए प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।

हालांकि फोन कॉल आधारित सत्यापन को लेकर अभी स्पष्ट दिशा-निर्देश और जागरूकता की कमी बताई जा रही है। कई पेंशनरों का कहना है कि बिना आधिकारिक सूचना के इस तरह की प्रक्रिया शुरू होने से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। खासकर 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनभोगी इस व्यवस्था को लेकर ज्यादा असहज महसूस कर रहे हैं।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सरकारी प्रक्रिया में फोन पर बैंकिंग या निजी दस्तावेज साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है। आमतौर पर सरकारी विभाग सीधे संवेदनशील जानकारी फोन पर साझा करने को नहीं कहते, बल्कि आधिकारिक पोर्टल, कार्यालय या सत्यापित माध्यमों का उपयोग किया जाता है।

पेंशनरों का यह भी कहना है कि यदि यह व्यवस्था सही तरीके से लागू की जाती है, तो इससे सुविधा बढ़ सकती है। लेकिन इसके लिए सरकार को स्पष्ट गाइडलाइन, आधिकारिक सूचना और हेल्पलाइन सुविधा शुरू करनी होगी, ताकि बुजुर्ग पेंशनधारकों को किसी तरह की ठगी का खतरा न रहे।#HimachalNews #PensionNews #LifeCertificate #SeniorCitizens #CyberSafety #DigitalIndia #PensionUpdate

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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