एक समय ऐसा था जब ‘Savita Bhabhi’ नाम का एक काल्पनिक डिजिटल किरदार एडल्ट कॉमिक फॉर्मेट में सामने आया और इंटरनेट पर काफी चर्चा में रहा। पारंपरिक भारतीय गृहिणी की छवि के साथ प्रस्तुत यह कैरेक्टर 2000 के दशक के आखिर में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर सामने आया और तेजी से लोकप्रिय हुआ। बताया जाता है कि इस किरदार के लाखों ऑनलाइन फॉलोअर्स बन गए थे।
अब डिजिटल टेक्नोलॉजी के नए दौर में इसी तरह के कॉन्सेप्ट का एक नया रूप सामने आ रहा है। यह नया अवतार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित है, जिसमें हाइपर-रियल स्किन टेक्सचर, सिंथेटिक वॉयस और लोकल स्लैंग का उपयोग किया जा रहा है। यह AI बेस्ड डिजिटल पर्सनैलिटी यूजर्स से चैट के जरिए बातचीत कर सकती है और इंटरएक्टिव स्टोरी एक्सपीरियंस उपलब्ध कराती है।
बताया जा रहा है कि इस तरह की AI पर्सनैलिटी के पीछे टेक और क्रिएटिव सेक्टर से जुड़े लोगों की टीम काम कर रही है। हैदराबाद के एक आर्किटेक्ट से जुड़े ऐसे ही एक प्रोजेक्ट में लक्ष्य था कि एक ऐसा डिजिटल कैरेक्टर तैयार किया जाए जो खुद कंटेंट जेनरेट कर सके, दर्शकों को जोड़ सके और डिजिटल मार्केटिंग मॉडल के रूप में विकसित हो सके।
कुछ मामलों में एडल्ट थीम का इस्तेमाल इसलिए किया गया क्योंकि यह यूजर एंगेजमेंट को तेजी से टेस्ट करने का एक तरीका माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार कई यूजर्स यह पहचान नहीं कर पाते कि यह कंटेंट पूरी तरह AI द्वारा तैयार किया गया है।
AI इरोटिक कंटेंट को लेकर बहस
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का कंटेंट कुछ लोगों के लिए व्यक्तिगत पहचान और भावनात्मक एक्सप्लोरेशन का माध्यम बन सकता है। हालांकि इसके संभावित सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रभावों को लेकर भी चर्चा हो रही है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर AI आधारित डिजिटल इंटरएक्शन बहुत ज्यादा रियलिस्टिक और लगातार उपलब्ध हो, तो इससे वास्तविक मानवीय रिश्तों को लेकर लोगों की अपेक्षाएं बदल सकती हैं। इससे सामाजिक व्यवहार और रिश्तों की समझ पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।#AITechnology #DigitalContent #AIAvatar #TechDebate #ArtificialIntelligence #FutureOfInternet #VirtualContent #TechNews