चिड़ियाघर परिसर में स्थित वेटलैंड क्षेत्र के व्यापक कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ाना और उनके लिए बेहतर प्राकृतिक वातावरण तैयार करना है। चिड़ियाघर प्रशासन इस परियोजना को लेकर विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही शासन स्तर पर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
चिड़ियाघर परिसर में हाथी बाड़ा के सामने करीब एक एकड़ क्षेत्र में यह वेटलैंड फैला हुआ है। हर वर्ष सर्दियों के मौसम में यहां बड़ी संख्या में अलग-अलग प्रजातियों के प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। हालांकि वर्तमान में वेटलैंड के आसपास अत्यधिक झाड़-झंखाड़ होने के कारण पक्षियों को यहां लंबे समय तक ठहरने में परेशानी होती है।
प्रबंधन अब इस वेटलैंड क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ इसकी प्राकृतिक संरचना को सुरक्षित रखने की योजना पर काम कर रहा है। विशेषज्ञों की मदद से ऐसा वातावरण विकसित किया जाएगा, जिससे पक्षियों को भोजन, पानी और सुरक्षित आवास की बेहतर सुविधा मिल सके।
प्रस्ताव के तहत वेटलैंड के आसपास की अनावश्यक झाड़ियों को हटाया जाएगा, जल स्तर को संतुलित किया जाएगा और प्राकृतिक जैव विविधता को बनाए रखने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे। इससे न केवल प्रवासी पक्षियों के ठहराव की अवधि बढ़ेगी, बल्कि पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भी यह आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वेटलैंड का वैज्ञानिक तरीके से विकास किया जाता है, तो यह क्षेत्र भविष्य में प्रवासी पक्षियों के प्रमुख ठिकानों में शामिल हो सकता है। इससे स्थानीय पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। इस पहल से जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।#MigratoryBirds #WetlandDevelopment #ZooUpdate #WildlifeConservation #EcoSystem #EnvironmentNews #Biodiversity #IndiaWildlife #WetlandProject