केंद्र सरकार ने दिल्ली–जम्मू रेल मार्ग के अहम हिस्से दिल्ली से अंबाला के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने को स्वीकृति प्रदान कर दी है। 194 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर लगभग 5983 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
नई रेल लाइनों के निर्माण से उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों के साथ संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा। साथ ही सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग रणनीतिक रूप से और महत्वपूर्ण बन जाएगा, क्योंकि यह रेलखंड उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों को देश की राजधानी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है।
वर्तमान में दिल्ली–अंबाला रेलखंड अपनी निर्धारित क्षमता से लगभग 66 प्रतिशत अधिक ट्रेनों का दबाव झेल रहा है। इस रूट पर प्रतिदिन 150 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें लोकल और पैसेंजर ट्रेनों के अलावा शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनों और बड़ी संख्या में मालगाड़ियों का भी संचालन इसी मार्ग से होता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, तीसरी और चौथी लाइन बिछने से ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा, परिचालन क्षमता बढ़ेगी और माल परिवहन को भी गति मिलेगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद इस व्यस्त रेलखंड पर यातायात का दबाव कम होने और संचालन अधिक सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है।#IndianRailways #DelhiAmbala #RailwayProject #Infrastructure #VandeBharat #RailConnectivity #BreakingNews