यूपी कौशल विकास मिशन की नई ग्रेडिंग व्यवस्था लागू, तीन साल के औसत प्रदर्शन पर होगा मूल्यांकन

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रशिक्षण प्रदान करने वाले संस्थानों के लिए नई और पारदर्शी ग्रेडिंग व्यवस्था लागू कर दी है। नई प्रणाली के तहत प्रत्येक वर्ष फरवरी के अंतिम दिन तक पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन किया जाएगा। मार्च माह में ग्रेडिंग प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और अप्रैल से नए लक्ष्य प्रभावी हो जाएंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करना तथा युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। मिशन का मानना है कि नियमित और डेटा-आधारित मूल्यांकन से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा।

तीन वर्षों के औसत पर तय होगा ग्रेड

नई नीति के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए संस्थानों की ग्रेडिंग वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के प्रदर्शन के औसत के आधार पर की जाएगी। यानी किसी एक वर्ष के प्रदर्शन के बजाय लगातार तीन वर्षों के कार्य का आकलन कर ग्रेड निर्धारित होगा। इससे मूल्यांकन अधिक संतुलित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनने की उम्मीद है।

अधिकारियों का कहना है कि बहुवर्षीय प्रदर्शन को आधार बनाने से अस्थायी उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम होगा और संस्थानों को दीर्घकालिक गुणवत्ता सुधार की दिशा में काम करने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

नई ग्रेडिंग व्यवस्था को कौशल प्रशिक्षण तंत्र में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।UPSkillDevelopment

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Author: Khushi Kumari

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