एम्स की स्थापना की घोषणा वर्ष 2007 में हुई थी और भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया 2013 में शुरू हुई थी। हालांकि, अब तक एम्स को निर्धारित भूमि पूरी तरह से नहीं मिल सकी है।
जिला प्रशासन ने शेष भूमि जल्द एम्स को उपलब्ध कराने के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाना शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, दो ग्राम पंचायतों के लगभग 35 किसानों से भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इस संबंध में अधिकारियों ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को गजट के लिए पत्र भेज दिया है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह भूमि एम्स को सौंपी जाएगी।
एम्स स्थापना के लिए कुल 147.2 एकड़ भूमि निर्धारित की गई थी। इसमें प्रदेश सरकार ने पहले चरण में चीनी मिल की 97.35 एकड़ भूमि मात्र एक रुपये में एम्स को हस्तांतरित की थी। वहीं, दूसरे चरण में 49.85 एकड़ भूमि किसानों से अधिग्रहित करनी थी, जो अब प्रक्रिया में है।
इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद एम्स के लिए आवश्यक भूमि पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगी और संस्थान के विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ेंगे।#AIIMS #LandAcquisition #BiharNews #MedicalEducation #GovernmentLand #AIIMSExpansion #BreakingNews