गीडा की फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है। गीडा प्रशासन ने परियोजना की शेष प्रक्रिया को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
गीडा की योजना के अनुसार, इस परियोजना में निर्मित औद्योगिक इकाइयों (फ्लैटों) का आवंटन दर उनकी निर्माण लागत के आधार पर तय किया जाएगा। हालांकि, परियोजना में समय की देरी के कारण निर्माण लागत में वृद्धि की संभावना है। इस वजह से प्रारंभिक अनुमानित आवंटन दरों की तुलना में कुछ अधिक दरें निर्धारित हो सकती हैं।
गीडा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजना में उपलब्ध फ्लैटों की कीमत ‘नो प्रॉफिट, नो लॉस’ के आधार पर तय की जाएगी। इसका मतलब है कि इकाइयों की कीमत केवल निर्माण लागत को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जाएगी, जिससे निवेशकों को न तो लाभ होगा और न ही नुकसान।
इस नीति के तहत औद्योगिक इकाइयों के आवंटन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी, और स्थानीय उद्योगों को उचित मूल्य पर फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे।#FlattedFactory #GIDA #IndustrialUnits #NoProfitNoLoss #ManufacturingCost #ProjectUpdate #IndustrialDevelopment