ईरान में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में बढ़े तनाव ने वहां मौजूद भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के परिजनों में असमंजस और भय का माहौल है।
इसी बीच जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने आग्रह किया है कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द कदम उठाकर ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईरान में इस समय करीब 3,000 भारतीय छात्र मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की है। मौजूदा हालात के चलते इन छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। कई छात्रों के फाइनल ईयर एग्जाम नजदीक हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों और सीमित हवाई सेवाओं के चलते वे देश लौटने में असमर्थ हैं।
छात्रों के परिजनों ने भी केंद्र सरकार से अपील की है कि मौजूदा हालात को देखते हुए तत्काल निकासी योजना (Evacuation Plan) तैयार की जाए। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते तनाव के कारण छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर भारत सरकार को पूर्व में चलाए गए ऑपरेशन की तर्ज पर एक समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों को सुरक्षित और शीघ्र देश वापस लाया जा सके।
फिलहाल सभी की निगाहें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि हजारों भारतीय परिवार अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।#IranCrisis #IndianStudents #MBBSStudents #NarendraModi #Evacuation #MiddleEastTension #BreakingNews