प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर सिख समुदाय के सम्मान और न्याय को लेकर केंद्र सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास कर रही है।
नवी मुंबई के खारघर में आयोजित ‘हिंद-दी-चादर’ कार्यक्रम के अवसर पर वीडियो संदेश के जरिए संबोधन करते हुए प्रधानमंत्री ने गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस आयोजन को सिख गुरुओं की महान परंपरा और आदर्शों को आगे बढ़ाने वाला एक आध्यात्मिक यज्ञ बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सिख गुरुओं का जीवन त्याग, बलिदान और मानवता की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बलिदान धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा का एक अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी देश को प्रेरणा देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार सिख समुदाय के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। इसी प्रतिबद्धता के तहत वर्ष 1984 के एंटी-सिख दंगों की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी रेखांकित किया कि बीते कुछ वर्षों में सरकार ने सिख समुदाय से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान के लिए कदम उठाए हैं। उनका उद्देश्य केवल ऐतिहासिक न्याय सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि समुदाय के सम्मान और विश्वास को मजबूत करना भी है।
कार्यक्रम के आयोजकों और उपस्थित श्रद्धालुओं की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, यह नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और मूल्यों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।#NarendraModi #SikhCommunity #GuruTeghBahadur #HindDiChadar #1984Riots #IndianPolitics #BreakingNews