नीरज पर बरसी थीं 67 गोलियां, तीन समर्थकों की भी मौत; पत्नी बोलीं-न्याय की लड़ाई जारी रहेगी

 कांग्रेस नेता एवं धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या आज ही के दिन, 21 मार्च 2017 को हुई थी। झरिया के तत्कालीन भाजपा विधायक संजीव सिंह के घर के पास स्टील गेट में उन्हें गोलियों से भून दिया गया था।

नीरज सिंह के साथ उनके निजी बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी, चालक घोलटू महतो और करीबी समर्थक अशोक यादव की भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस हत्या का आरोप नीरज सिंह के चचेरे भाई और झरिया के विधायक संजीव सिंह पर लगा था।पोस्टमार्टम में नीरज के शरीर से निकली थीं 17 गोलियां

पूर्व डिप्टी मेयर एवं कांग्रेस नेता नीरज सिंह की फॉर्च्यूनर कार सरायढेला थाना क्षेत्र के स्टील गेट के पास एक स्पीड ब्रेकर पर धीमी हुई। उसी समय मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने चारों ओर से उन पर गोलियों की बौछार कर दी। हमला इतना भीषण था कि गाड़ी में सवार सभी चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।पोस्टमार्टम में नीरज सिंह के शरीर से 17 गोलियां निकाली गईं। उनके शरीर पर 67 घावों के निशान मिले। मेडिकल बोर्ड के अनुसार, उनकी छाती में 16 और चेहरे पर 4 गोलियां मारी गई थीं। हालांकि, एक इंटरव्यू में उनकी पत्नी पूर्णिमा सिंह ने दावा किया था कि उनके पति को 67 गोलियां मारी गई थीं।

साक्ष्य के अभाव में संजीव सिंह बरी

21 मार्च 2017 को धनबाद में हुए इस हाई-प्रोफाइल शूटआउट में नीरज सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि उनके चचेरे भाई और तत्कालीन झरिया विधायक संजीव सिंह ने इस हत्या की साजिश रची।

इस घटना के बाद शहर में तनाव फैल गया और समर्थक सड़क पर उतर आए। परिवार के भीतर का विवाद, जो सूर्यदेव सिंह के निधन के बाद बढ़ रहा था, हत्या के आरोपों तक पहुंच गया।

संजीव सिंह ने आत्मसमर्पण किया और जेल चले गए। वे लगभग आठ वर्षों तक जेल में रहे। 8 अगस्त 2025 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली और 27 अगस्त 2025 को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया। धनबाद के कोर्ट के फैसले को नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने हाई कोर्ट रांची में चुनौती दी है। श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

नीरज सिंह की हत्या के नौ वर्ष पूरे होने पर उनके सरायढेला स्थित आवास ‘रघुकुल’ में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समर्थक, स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके योगदान को याद किया।

सभा में उपस्थित लोगों ने नीरज सिंह को जुझारू, जनप्रिय और संघर्षशील नेता बताया। उनका कहना था कि उन्होंने हमेशा जनता के हित में कार्य किया और उनकी कमी आज भी महसूस की जाती है।

इसी बीच, उनकी पत्नी एवं झरिया से कांग्रेस की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) के माध्यम से भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने नीरज सिंह की एक तस्वीर भी साझा की। पोस्ट साझा करने के तीन घंटे के भीतर 2000 से अधिक व्यूज मिल चुके थे। बड़ी संख्या में लोगों ने उस पर टिप्पणी की और पोस्ट को साझा भी किया।

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

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