टैक्सपेयर्स ध्यान दें! 30 जून तक आ सकता है स्क्रूटनी नोटिस, गलती की तो फंसेगा पेंच

 आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया के बीच जिले के कारोबारियों, पेशेवरों और वेतनभोगी करदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं। आयकर विभाग ने व्यवसाय और पेशे से आय अर्जित करने वाले करदाताओं के लिए आईटीआर-3 फार्म को आनलाइन उपलब्ध करा दिया है। इसके साथ ही रिटर्न की जांच के लिए नोटिस जारी करने की समयसीमा को लेकर भी करदाताओं की निगाहें 30 जून पर टिकी हैं।

कर विशेषज्ञ सौरभ मदान के अनुसार मुरादाबाद में बड़ी संख्या में कारोबारी, चिकित्सक, अधिवक्ता, आर्किटेक्ट, ठेकेदार और अन्य पेशेवर आईटीआर-3 के माध्यम से अपना आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं। जिन करदाताओं के खातों का आडिट नहीं होना है, वे 31 अगस्त तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।दूसरी ओर, आयकर विभाग की ओर से रिटर्न की जांच के लिए जारी किए जाने वाले स्क्रूटनी नोटिस को लेकर भी करदाता सतर्क हैं। विभागीय जानकारों के अनुसार निर्धारित मामलों में 30 जून तक नोटिस जारी किए जा सकते हैं। सीए के अनुसार, सरकार ने कुछ भत्तों और छूट संबंधी प्रविधानों में संशोधन किए हैं।कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ कर-मुक्त भत्तों की सीमा में बदलाव किया गया है, जिससे वेतनभोगी वर्ग को राहत मिलने की संभावना है। सीए सदाकद का कहना है कि करदाता अपने बैंक खाते, निवेश, टीडीएस, जीएसटी और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का मिलान करने के बाद ही रिटर्न दाखिल करें।

यह होता है स्क्रूटनी नोटिस

आयकर विभाग करदाताओं द्वारा दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (आईटीआर) की जांच के लिए स्क्रूटनी नोटिस जारी करता है। यह नोटिस तब भेजा जाता है जब रिटर्न में दी गई जानकारी और विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ों में किसी प्रकार की विसंगति दिखाई देती है।

आयकर अधिकारी रिटर्न में दर्शाई गई आय, टैक्स कटौती, निवेश और अन्य वित्तीय जानकारियों का मिलान बैंक स्टेटमेंट, फार्म-26एएस, वार्षिक सूचना विवरण और टैक्सपेयर सूचना सारांश से करते हैं। यदि किसी लेन-देन, आय या निवेश संबंधी जानकारी में अंतर मिलता है तो करदाता से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

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