विधानसभा चुनाव से पहले कानपुर में भाजपा पार्षदों की गुटबाजी खुलकर सामने आई
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कानपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नगर निगम की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के बीच बढ़ती गुटबाजी अब सार्वजनिक मंच तक पहुंच गई है। पार्टी के भीतर दो धड़े आमने-सामने आ गए हैं, जिससे स्थानीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
बुधवार को भाजपा के 75 पार्षदों ने खुद को बागी बताने वाले छह पार्षदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी और निर्दलीय पार्षदों की मौजूदगी ने भी इस घटनाक्रम को और राजनीतिक महत्व दे दिया।
मोतीझील स्थित प्रमिला सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने कहा कि पार्टी के भीतर बगावत का दावा करने वाले छह पार्षद संगठन और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और जनता लगातार सवाल पूछ रही है कि पार्टी के भीतर आखिर क्या चल रहा है। ऐसे में इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी और विरोध का असर पार्टी की छवि पर पड़ रहा है।
संगठन को भी दिया गया संदेश
पत्रकार वार्ता के दौरान सत्ता पक्ष के पार्षदों ने संगठन को भी अप्रत्यक्ष रूप से संदेश दिया कि पार्टी अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना था कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया तो इसका असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
नगर निगम की राजनीति में बढ़ सकता है असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर निगम में भाजपा पार्षदों के बीच बढ़ती खींचतान का असर स्थानीय निकाय राजनीति के साथ-साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संगठन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और बागी पार्षदों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।Kanpur #BJP #KanpurPolitics #UPPolitics #MunicipalCorporation #BJPNews #PoliticalNews #KanpurNagarNigam #UPAssemblyElection #BreakingNews #PoliticalCrisis #Councillor #UttarPradesh #Election2027 #IndiaPolitics



