UP सरकार का बड़ा फैसला: 17 जिलों में किसानों को मुफ्त मिलेंगे पपीते के पौधे, बढ़ेगी आय

प्रदेश में फल उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने पपीता खेती को बढ़ावा देने की नई पहल शुरू की है। इसके तहत बाराबंकी समेत 17 जिलों को पपीता उत्पादन का विशेष लक्ष्य दिया गया है। योजना के अंतर्गत किसानों को उन्नत किस्म के पपीते के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा सुनिश्चित किया जा सके।

सरकारी योजना के तहत दो-दो हेक्टेयर क्षेत्र में पपीते की खेती करने वाले किसानों को निशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रदेश में बागवानी फसलों का रकबा बढ़ाने के साथ किसानों को नकदी फसल की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस योजना में बाराबंकी के अलावा लखनऊ, सुलतानपुर, बहराइच, गोंडा, हरदोई, अमेठी, बस्ती, वाराणसी, जौनपुर, मेरठ और कौशांबी सहित कुल 17 जिलों को शामिल किया गया है।

किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों जैसे Taiwan Red Lady-786, Pusa Nanha और Coorg Honeydew के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। जुलाई महीने से पौधरोपण का कार्य शुरू किया जाएगा।

वर्तमान में जिले में लगभग 15 हेक्टेयर क्षेत्र में पपीते की खेती की जा रही है। कृषि विभाग को उम्मीद है कि नई योजना लागू होने के बाद किसानों का रुझान पपीता उत्पादन की ओर बढ़ेगा और खेती का क्षेत्रफल भी तेजी से विस्तारित होगा।

प्रति पौधा 800 रुपये तक का मुनाफा

बाराबंकी जिले के पल्हरी गांव के प्रगतिशील किसान Shailendra Maurya पिछले कई वर्षों से पपीते की खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक बीघा भूमि में लगभग 300 पौधे लगाए जा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि एक पौधे पर औसतन 200 रुपये की लागत आती है, जबकि उससे करीब 800 रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हो जाता है। वर्तमान में मंडियों में पपीता लगभग 20 रुपये प्रति किलोग्राम की औसत कीमत पर बिक रहा है।

पपीता उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए शैलेंद्र मौर्य को राज्यपाल स्तर से लेकर जिला स्तर तक कई सम्मान और पुरस्कार भी मिल चुके हैं।#PapayaFarming #Barabanki #Farmers #AgricultureNews #UPGovernment #PapayaCultivation #Horticulture #KisanNews #Farming #Agriculture #FruitFarming #UttarPradesh #FarmerIncome #HindiNews #LatestNews

Leave a Comment

शहर चुनें