दिल्ली हाई कोर्ट ने आगामी एशियाई खेलों के लिए ताइक्वांडो खिलाड़ी कशिश मलिक को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के आदेश को रद्द कर दिया है।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एशियाई खेलों में भागीदारी के लिए कशिश मलिक के नाम को अग्रेषित किए जाने पर विचार करें।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी खिलाड़ी को केवल इस आधार पर चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता कि जिस भार वर्ग में उसने पात्रता हासिल की थी, उसे बाद में किसी अन्य भार वर्ग में समाहित कर दिया गया है।
कशिश मलिक ने वर्ष 2026 की एशियाई ताइक्वांडो चैंपियनशिप में 53 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपनी योग्यता साबित की थी। हालांकि बाद में भार वर्गों के पुनर्गठन के चलते 53 किलोग्राम वर्ग को अलग श्रेणी के रूप में समाप्त कर दिया गया।
केंद्र सरकार की ओर से अदालत में यह तर्क दिया गया कि 53 किलोग्राम वर्ग में जीते गए कांस्य पदक का महत्व अब कम हो गया है, क्योंकि खिलाड़ी ने 57 किलोग्राम वर्ग में कोई पदक हासिल नहीं किया है और 53 किलोग्राम वर्ग अब स्वतंत्र प्रतिस्पर्धी श्रेणी नहीं रहा है।
हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर दिया।#KashishMalik #DelhiHighCourt #AsianGames #Taekwondo #SportsNews #IndianSports #AsianGames2026 #TaekwondoChampionship #CourtVerdict #SportsUpdate #BreakingNews #LatestNews #IndiaSports #DelhiNews #AthleteRights