नगर निगम के अजीमाबाद अंचल अंतर्गत स्थित खाजेकलां घाट पर करोड़ों रुपये की लागत से विकसित की गई सुविधाएं अब रखरखाव के अभाव में अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही हैं। जनहित को ध्यान में रखते हुए Indian Oil Foundation द्वारा विकसित की गई व्यवस्थाएं धीरे-धीरे उद्देश्यहीन होती जा रही हैं।
पटना सिटी और आसपास के क्षेत्रों से अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर आने वाले लोगों को यहां बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। शोक संतप्त परिजनों के लिए पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इसके अलावा गंगा घाट पर भ्रमण और धार्मिक गतिविधियों के लिए आने वाले स्थानीय नागरिकों तथा पर्यटकों को भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इससे घाट पर आने वाले लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
खाजेकलां घाट पर पेयजल व्यवस्था की स्थिति भी बेहद खराब है। पानी की सुविधा के लिए बनाए गए दो बड़े बेसिनों में लगे दर्जनभर से अधिक नल टूट चुके हैं। वहीं बेसिनों में गंदगी जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
घाट परिसर के बाहर स्थापित एक अन्य बड़े बेसिन में लगे करीब आधा दर्जन नलों से भी नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके चलते लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर विकसित की गई सुविधाओं के संरक्षण और नियमित रखरखाव पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।नगर निगम के अजीमाबाद अंचल अंतर्गत स्थित खाजेकलां घाट पर करोड़ों रुपये की लागत से विकसित की गई सुविधाएं अब रखरखाव के अभाव में अपनी उपयोगिता खोती नजर आ रही हैं। जनहित को ध्यान में रखते हुए Indian Oil Foundation द्वारा विकसित की गई व्यवस्थाएं धीरे-धीरे उद्देश्यहीन होती जा रही हैं।
पटना सिटी और आसपास के क्षेत्रों से अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर आने वाले लोगों को यहां बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। शोक संतप्त परिजनों के लिए पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इसके अलावा गंगा घाट पर भ्रमण और धार्मिक गतिविधियों के लिए आने वाले स्थानीय नागरिकों तथा पर्यटकों को भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इससे घाट पर आने वाले लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
खाजेकलां घाट पर पेयजल व्यवस्था की स्थिति भी बेहद खराब है। पानी की सुविधा के लिए बनाए गए दो बड़े बेसिनों में लगे दर्जनभर से अधिक नल टूट चुके हैं। वहीं बेसिनों में गंदगी जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
घाट परिसर के बाहर स्थापित एक अन्य बड़े बेसिन में लगे करीब आधा दर्जन नलों से भी नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके चलते लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर विकसित की गई सुविधाओं के संरक्षण और नियमित रखरखाव पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।#PatnaNews #KhajekalanGhat #PatnaCity #BiharNews #GangaGhat #CivicIssues #MunicipalCorporation #IndianOilFoundation #PublicFacilities #DrinkingWaterCrisis #PatnaUpdates #BreakingNews #LatestNews #Infrastructure #LocalNews