सर्पदंश से पीड़ित अनिता देवी की कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई मौत के मामले में समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने जिलाधिकारी को सदर अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल की जा सके।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सदर अस्पताल से मरीजों को बिना पर्याप्त कारण रेफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि आम नागरिकों के जीवन से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंगलवार को समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता दोस्तियां गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने मृतका अनिता देवी के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। अनिता देवी, आमोद यादव की पत्नी थीं और दो दिन पहले सर्पदंश का शिकार हुई थीं।
परिजनों के अनुसार, सर्पदंश के बाद अनिता देवी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था, जहां उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक उपचार का इंतजार करना पड़ा। आरोप है कि जब उनकी हालत गंभीर होने लगी तो अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम (वैक्सीन) उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इसी मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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