‘मन मोर बनी थंगाट करे’ की दिलचस्प कहानी, 126 साल पुरानी कविता से बना था गुजरात का लोकप्रिय लोकगीत

साल 2013 में रिलीज हुई दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की फिल्म राम-लीला का लोकप्रिय गीत ‘मन मोर बनी थंगाट करे’ आज भी लोगों की जुबान पर है। अपनी मधुर धुन और पारंपरिक अंदाज की वजह से यह गीत काफी लोकप्रिय हुआ। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि यह मूल रूप से गुजरात का एक प्रसिद्ध लोकगीत है।

गुजरात की लोक संस्कृति में इस गीत का विशेष महत्व है। इसे पारंपरिक तौर पर डायरों और गरबा जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में गाया जाता है। वर्षों से यह गीत लोक परंपरा का हिस्सा बना हुआ है और आज भी उत्सवों के दौरान लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।

इस लोकगीत की जड़ें करीब 126 साल पहले लिखी गई एक कविता से जुड़ी मानी जाती हैं। समय के साथ इस कविता को लोकधुन में ढालकर गीत का रूप दिया गया, जिसने गुजरात की सांस्कृतिक विरासत में अपनी अलग पहचान बनाई।

बाद में फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने इसी पारंपरिक लोकगीत को अपनी फिल्म राम-लीला में शामिल किया। फिल्म में इसे नए संगीत और प्रस्तुति के साथ पेश किया गया, जिसके बाद यह गीत देशभर में एक बार फिर बेहद लोकप्रिय हो गया और नई पीढ़ी तक पहुंचा।RamLeela #ManMorBaniThangatKare #GujaratiFolkSong #DeepikaPadukone #RanveerSingh #SanjayLeelaBhansali

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