मासूम वैभव की हत्या से पूरे सराफा परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिवार का सबसे चहेता वैभव अपने बाबा लक्ष्मीनारायण और दादी द्रोपदी देवी का बेहद लाडला था। दादी उसे प्यार से ‘बाबू’ कहकर बुलाती थीं। उसकी मासूमियत और चंचल स्वभाव के कारण मोहल्ले के लोग भी उससे विशेष स्नेह रखते थे।
करीब एक माह पहले पिता हनुमान ने वैभव को नई साइकिल खरीदकर दी थी। स्कूल से घर लौटने के बाद वह रोज उसी साइकिल से मोहल्ले की गलियों में घूमने निकलता था। नई साइकिल उसके लिए सबसे प्रिय चीजों में से एक थी।
सोमवार को भी वैभव हमेशा की तरह अपनी साइकिल लेकर घर से निकला। दादी ने उसे आवाज लगाकर कहा, “पहले खाना खाकर जाना।” इस पर वैभव ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “अभी साइकिल चलाकर आते हैं दादी।” यह उसके परिवार के साथ हुई आखिरी बातचीत साबित हुई।
परिजनों को उस समय जरा भी अंदाजा नहीं था कि घर से निकला उनका लाडला दोबारा कभी लौटकर नहीं आएगा। परिवार जिस पड़ोसी पर सबसे अधिक भरोसा करता था, उसी पर मासूम की हत्या का आरोप लगने के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले के लोग भी इस दर्दनाक वारदात से स्तब्ध हैं और मासूम वैभव को याद कर उनकी आंखें नम हो रही हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपित के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।#VaibhavMurder #CrimeNews #BreakingNews #ChildMurder #PoliceInvestigation #LatestNews #IndiaNews #CrimeUpdate #JusticeForVaibhav #LocalNews