पंजाब विधानसभा के शून्यकाल के दौरान अवैध खनन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक दिन पहले सरकार ने सदन और पूरे राज्य को भरोसा दिलाया था कि पंजाब में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा है।
बाजवा ने कहा कि यदि सरकार अपने दावे पर कायम है, तो विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद सभी राजनीतिक दलों के विधायकों की एक हाउस कमेटी गठित की जाए। यह समिति कथित रूप से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करे, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके।
NGT की टिप्पणी का किया जिक्र
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सतलुज नदी पर बने एक पुल को कथित नुकसान पहुंचाने वाले अवैध खनन मामले में पंजाब सरकार के रवैये पर असंतोष जताया है। उन्होंने बताया कि एनजीटी ने सरकार को चार सप्ताह के भीतर नई प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार की रिपोर्टों पर उठाए सवाल
प्रताप सिंह बाजवा का कहना था कि पिछले छह महीनों से सरकार इस मामले में लगातार रिपोर्टें दाखिल कर रही है, लेकिन उनमें ऐसा कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया, जिसके आधार पर सरकार अपनी उपलब्धि बता सके। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन के मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए।
फिलहाल सरकार की ओर से बाजवा के आरोपों और हाउस कमेटी गठित करने की मांग पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली#Punjab #IllegalMining #PunjabAssembly #PratapSinghBajwa #NGT #Politics #PunjabNews #BreakingNews #Assembly #PoliticalNews