मऊ में 11 वर्षीय बच्चे की मौत, समय पर एंबुलेंस न मिलने का आरोप

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। रानीपुर फतेहपुर निवासी 11 वर्षीय अंश की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि इलाज के लिए वाराणसी ले जाने में हुई देरी के कारण रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई।

परिजनों के अनुसार, बुधवार शाम अंश की तबीयत अचानक खराब हो गई। पहले उसे चिरैयाकोट के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज, चक्रपानपुर रेफर कर दिया।

परिवार का आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद समय पर एंबुलेंस नहीं मिली। इसके बाद बच्चे को दूसरे साधन से वाराणसी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि अंश की मौत उसके पिता की गोद में हुई।

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं और रेफरल व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता पर एक बार फिर बहस का विषय बन गई है।#Mau #UttarPradesh #Ambulance #HealthSystem #MedicalNegligence #EmergencyService #UPNews #Healthcare #Varanasi #BreakingNews

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