सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा सोनम वांगचुक के वीडियो का सटीक अनुवाद

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत वीडियो अनुवाद की सटीकता पर सवाल खड़े किए। अदालत ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में अनुवाद में किसी प्रकार की त्रुटि स्वीकार्य नहीं हो सकती।

मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वरेल की पीठ के समक्ष हुई। वांगचुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि केंद्र द्वारा प्रस्तुत अनुवाद में ऐसे शब्द भी शामिल कर दिए गए हैं, जो वांगचुक ने अपने बयान में कहे ही नहीं।

इस पर पीठ ने अतिरिक्त सालिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा कि सरकार वांगचुक के भाषण का वास्तविक ट्रांसक्रिप्ट और सही अनुवाद प्रस्तुत करे। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हम भाषण का वास्तविक ट्रांसक्रिप्ट चाहते हैं। जिस पर वे भरोसा कर रहे हैं और जो आप कह रहे हैं, दोनों अलग-अलग हैं। हम स्वयं तय करेंगे। वांगचुक जो कह रहे हैं, उसका असल अनुवाद होना चाहिए। आपके अपने कारण हो सकते हैं।”

पीठ की इस टिप्पणी को न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता की आवश्यकता के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने संकेत दिया कि किसी भी पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज या अनुवाद तथ्यों से मेल खाना चाहिए, विशेषकर तब जब वह न्यायिक निर्णय को प्रभावित कर सकता हो।

अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से संशोधित या सत्यापित अनुवाद पेश किए जाने की संभावना है।#SupremeCourt
#SonamWangchuk
#KapilSibal
#CourtHearing
#AI
#LegalNews
#IndiaNews
#Judiciary

Khushi Kumari
Author: Khushi Kumari

Leave a Comment

शहर चुनें