हरियाणा की निशुल्क साइकिल योजना पर महंगाई का असर, आठ साल में 54 फीसदी बढ़ीं कीमतें
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2018 में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अनुसूचित वर्ग के कक्षा 6 के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क साइकिल योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को स्कूल तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करना था, जिनके घर और विद्यालय के बीच की दूरी दो किलोमीटर या उससे अधिक है, ताकि दूरी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
हालांकि, योजना शुरू होने के आठ वर्ष बाद अब इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। इसका प्रमुख कारण साइकिलों की लगातार बढ़ती कीमतें हैं। बताया जा रहा है कि शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2018 के बाद से बाजार दरों की समुचित समीक्षा नहीं की, जिसके चलते वर्तमान परिस्थितियों और योजना के बजट के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 से लेकर 2026 तक 20 और 22 इंच की साइकिलों की कीमतों में करीब 54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जिन साइकिलों की कीमत पहले अपेक्षाकृत कम थी, उनकी कीमत अब बढ़कर लगभग 6 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में बढ़ती कीमतों के बावजूद यदि योजना की वित्तीय व्यवस्था और निर्धारित मानकों को समय-समय पर अपडेट नहीं किया जाता है, तो इसका सीधा असर लाभार्थियों पर पड़ सकता है। इससे योजना के उद्देश्यों को पूरा करने में भी कठिनाई आ सकती है।
शिक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि सरकार और शिक्षा विभाग को बाजार दरों की नियमित समीक्षा कर योजना के बजट और सहायता राशि को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित करना चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
यह योजना ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है। ऐसे में बढ़ती महंगाई के बीच इसकी प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए समयानुकूल सुधार आवश्यक माने जा रहे हैं।Haryana #CycleScheme #EducationNews #GovernmentSchools #SCStudents #HaryanaEducation #StudentWelfare #HindiNews







