पाकुड़ में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाला गिरफ्तार, सरकारी वेबसाइट का क्लोन बनाकर करता था धोखाधड़ी

Pakur fake certificates जनगणना व विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की नींद उड़ गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर मुफस्सिल थाना की पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले युवक हिरणपुर थाना क्षेत्र के बागशीशा गांव निवासी हेमंत कुमार साहा को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार हेमंत एक वर्ष से फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का काम कर रहा था। सबसे दिलचस्प बात यह है कि हेमंत सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (dc.crsorgi.gov.in) का फर्जी क्लोन बनाकर भोले-भाले ग्रामीणों से पैसे ऐंठ रहा था और उन्हें नकली सरकारी दस्तावेज सौंप रहा था।सदर प्रखंड के नरोत्तमपुर पंचायत सचिव उत्तम कुमार घोष द्वारा प्राथमिकी कराने के बाद पुलिस ने रविवार की देर रात तक आरोपित हेमंत से पूछताछ की है। हेमंत ने पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। पुलिस उसपर काम कर रही है। इस मामले में पुलिस अनुसंधान कर रही है, इसलिए फिलहाल कुछ बताने से बच रही है।हेमंत की गिरफ्तारी के बाद सदर प्रखंड के अन्य ग्रामीण फर्जीवाड़ा के जाल में फंसने से बच गए हैं। इधर, हेमंत ने जिस कैफे के बारे में पुलिस को बताया था, उस कैफे के संचालक से भी पूछताछ की गई है। कैफे संचालक ने पुलिस को बताया है कि हेमंत आता था और रुपया देकर काम करके चला जाता था। कैफे संचालक का कहना था कि फर्जीवाड़ा की भनक उसे नहीं थी। 

गोड्डा से जुड़ सकता है तार 

आरोपित हेमंत ने पुलिस को बताया है कि गोड्डा निवासी दीपक के सहयोग से वह फर्जीवाड़ा का खेल खेल रहा था। हेमंत ने उज्जवल कुमार का भी नाम लिया है। हेमंत ने बताया कि फर्जीवाड़ा के खेल में दीपक व उज्जवल भी शामिल है। पुलिस दीपक को शीघ्र ही नोटिस कर पूछताछ के लिए बुलाने वाली है।

ऐसे में देखा जाए तो इस फर्जीवाड़ा की तार गोड्डा से भी जुड़ता हुआ दिख रहा है। अगर दीपक पुलिस के समक्ष फर्जीवाड़ा की बात स्वीकार करता है तो इसका मतलब गोड्डा में भी यह खेल खेला गया होगा। हालांकि अनुसंधान में स्पष्ट होगा कि हेमंत, दीपक और उज्जवल ने अबतक कितने लोगों को चूना लगाया है।

बैग की तलाशी में खुला फर्जीवाड़े का पिटारा

पुलिस के हत्थे चढ़ा हेमंत के पास मौजूद नीले रंग के मिट्ठू बैग की तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और उपकरण बरामद हुए थे। इसमें 50 पीस फर्जी जन्म प्रमाण पत्र (विभिन्न नामों के, जिनपर फर्जी मोहर लगी थी), आठ पीस फर्जी वोटर कार्ड, चार पीस फर्जी पैन कार्ड, सात पीस फर्जी आधार कार्ड, छह पीस मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड, तीन पीस जच्चा-बच्चा रक्षा कार्ड, मंइयां सम्मान योजना का आवेदन प्रपत्र (आनवारा खातून के नाम का), आयुष्मान कार्ड (देवरी पहाडिन के नाम का), जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र की एक-एक प्रति शामिल है।

पूर्व में भी उजागर हुआ था फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का मामला

करीब आठ साल पूर्व सदर अस्पताल के फर्जी आइडी का इस्तेमाल कर गलत तरीके से जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया था। मामला उजागर होने के बाद सदर अस्पताल के तत्कालीन प्रभारी उपाधीक्षक डा. एसके झा ने नगर थाना में प्राथमिकी भी करायी थी। फिलहाल एसआइआर के समय फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले को अधिक गंभीर माना जा रहा है।

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