सोलर पंप से सिंचाई भी, बिजली बेचकर कमाई भी… पीएम कुसुम योजना से किसानों की बढ़ेगी आमदनी

 खेती-किसानी में लगातार बढ़ते बिजली और डीजल के खर्च से परेशान किसानों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए किसान सिर्फ बिजली का इस्तेमाल ही नहीं करेंगे, बल्कि खुद बिजली बनाकर उसे सरकार को बेचेंगे और हर महीने मोटी कमाई भी करेंगे।

कुसुम-A योजना की खासियत

इस योजना के तहत अगर किसी किसान के पास बंजर या ऐसी जमीन है जिस पर खेती नहीं होती, तो वे वहां सौर ऊर्जा संयंत्र लगवा सकते हैं। इस प्लांट से जो बिजली बनेगी, उसे सरकारी बिजली कंपनी पूरे 25 साल तक खरीदेगी। इसके लिए सरकार के साथ एक एग्रीमेंट (समझौता) होता है, जिससे किसानों को घर बैठे हर साल पक्की आमदनी होने लगती है।कुसुम-B योजना में क्या-क्या?

इस योजना के तहत किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप दिए जाते हैं। सामान्य किसानों को पंप की कीमत पर 60% की भारी छूट मिलती है, जिसमें 30% केंद्र सरकार और 30% राज्य सरकार देती है। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों को 95% तक की छूट दी जाती है। इसके अलावा दिन की धूप में यह पंप आसानी से चलता है, जिससे डीजल और बिजली का भारी-भरकम खर्च पूरी तरह खत्म हो जाता है।कुसुम-C कमाई का बना जरिया

वहीं कुसुम-सी योजना उन किसानों के लिए है जिनके पास पहले से ही बिजली से चलने वाला कृषि पंप मौजूद है। इस योजना में उस पंप को सोलर पैनल से जोड़ दिया जाता है। किसान दिनभर अपनी जरूरत के मुताबिक सिंचाई करता है और जो बिजली बच जाती है, उसे सरकारी ग्रिड को बेच देता है। इसके इंस्टॉलेशन खर्च पर भी 30% की छूट मिलती है और 25 साल तक बिजली बेचने की गारंटी होती है।

कहां और कैसे करें आवेदन?

गौरतलब है कि इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। किसान भाई योजना की आधिकारिक वेबसाइट mpuvn.mp.gov.in या pmkusum.mnre.gov.in पर जाकर अधिक जानकारी ले सकते हैं और अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करते समय किसान के पास पहचान पत्र (जैसे आधार), समग्र आईडी, जमीन के कागज, बैंक खाते की जानकारी और मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है।

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